4/19/11

यह खेल कभी ऐसा था

[ ऊपर जो कोई भी आसमान के तरफ रहता होगा,उसको हाजिर-नाजिर जानकर यह बयान दिया जा रहा है कि नीचे लिखी बातें ‘अखिल भारतवर्षीय भोजपुरी सम्मलेन,मोतिहारी में “ भोजपुरी समाज “ द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव बिना मिलावट के ज्यों-का-त्यों रख दिया गया है

अब आप पर यह निर्भर करता है कि आप इस प्रस्ताव के क्या मायने लगाते हैं और क्या कारण ढूँढते हैं,जिसकी वजह से यह हिमालयी अभियान (?) सफल न हो सका
आपकी सुविधा के लिए मूल रूप से भोजपुरी में लिखित इस प्रस्ताव को कोष्ठकों में हिंदी में भी लिख दिया गया है
और अंत में,यह सामग्री भोजपुरी की बंद हो चुकी त्रैमासिक पत्रिका ‘अँजोर’ के जुलाई-सितम्बर १९६६ अंक के पृ.२४ से ली गयी है-कबूलनामा ‘प्रस्तुतिकर्ता’ ]

भोजपुरी समाज द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव

भोजपुरी समाज के ई सभा के मांग बा कि (भोजपुरी सिनेमा के इस समाज की मांग है कि )-

(१)- पाँच करोड़ लोगन के भाषा भोजपुरी के पंद्रहवीं भाषा के रूप में केंद्रीय सरकार वैधानिक मान्यता दे
(केंद्रीय सरकार पाँच करोड़ लोगों की भाषा भोजपुरी को वैधानिक मान्यता दे )

(२)- बिहार अउर उत्तर प्रदेश के सरकार भोजपुरी क्षेत्र में प्राईमरी स्तर तक भोजपुरी के माध्यम से शिक्षा देबे के प्रबंध करे
(बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारें भोजपुरी क्षेत्र में प्राईमरी स्तर तक की शिक्षा भोजपुरी में देने का प्रबंध करे )

(३)- भोजपुरी क्षेत्र के विश्वविद्यालय एम.ए. स्तर तक भोजपुरी भाषा अउर साहित्य के अपना पाठ्यक्रम में स्थान दे
( भोजपुरी क्षेत्र के विश्वविद्यालय एम.ए.स्तर तक भोजपुरी भाषा साहित्य को अपने पाठ्यक्रम में स्थान दे )

(४)- अखिल भारतीय रेडियो स्टेशन से भोजपुरी में प्रोग्राम प्रसारित कईल जाय अउर एके प्रयाप्त स्थान मिले
( अखिल भारतीय रेडियो स्टेशन से भोजपुरी में प्रोग्राम प्रसारित किया जाए और इसे पर्याप्त स्थान मिले )

(५)- सरकार द्वारा भोजपुरी क्षेत्र के औद्योगिक तथा कृषि सम्बन्धी विकास खातिर मास्टर-प्लान बनावे तथा एके अविलम्ब नियोजित करे
( सरकार द्वारा भोजपुरी क्षेत्र के औद्योगिक तथा कृषि सम्बन्धी विकास के लिए मास्टर-प्लान बनाया जाए और इसे अविलम्ब लागू किया जाये )

(६)- भोजपुरी समाज के प्रार्थना बा कि भोजपुरी अंचल के संसद तथा राज्य विधानसभा अउर परिषद के सदस्य लोग आपस में तथा सदन में भोजपुरी में बोले
(भोजपुरी अंचल के संसद सदस्यों और राज्य विधानसभा सदस्यों और विधान परिषद सदस्यों से भोजपुरी समाज की प्रार्थना है कि वे आपस में तथा सदन में भोजपुरी में ही बोले )

(७)- भोजपुरी समाज बिहार अउर उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करत बा कि पटना अउर लखनऊ में भोजपुरी समाज के लेल स्थान अउर मकान बनवादे जैसे क्षेत्र के सेवा कईल जा सके
(भोजपुरी समाज बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों से मांग करता है कि वे भोजपुरी समाज के लिए पटना और लखनऊ में स्थान और मकान बनवाकर दे दे ताकि वे क्षेत्र की सेवा कर सकें )





नोट :- एकरा में दोसर के भाषा ना पढ़े वाला प्रस्ताव भी राखे के चाहत रहे
( इस सभा में दूसरे की भाषा ना पढ़ने वाला प्रस्ताव भी रखना चाहिए था )





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