भोजपुरी की 'मदर इंडिया'-"धरती मईया".......
'जाके ससुरारिया गरब जन करिह सबके बिठा के पलक कोठे रखिह बड़के आदर दिहा छोट के सनेहवा इहे बा सकल जिनगी के हो सनेसवा दुनु कुल के इजत रखिह बोलिहा जन तींत बोलिया..' पैदा होते ही परंपरा से भर दिए गए इसी भाव-बोध के साथ एक लड़की,उसी तरह विदा होकर मायके से ससुराल आती है.और सारी उम्र अपने उस नए घर को सँवारने में अपनी जिंदगी की सार्थकता मान लेती है.'धरती मईया'इसी भावबोध की कहानी है.एक स्त्री के उच्चतम आदर्शों की छवि की कहानी.कमाल की बात है कि मेनस्ट्रीम फ़िल्मी फ्रेम के भीतर यह आदर्श उभरता है.ब्रजकिशोर,कुनाल,पद्मा खन्ना,श्रीगोपाल अभिनीत और कमर नार्वी निर्देशित भोजपुरी फिल्म ...