भोजपुरी की पहली फिल्म-गंगा मईया तोहे पियरी चढईबो
'गंगा मईया तोहे पियरी चढईबो'को भोजपुरी की पहली फिल्म होने का गौरव प्राप्त हैi इस फिल्म के निर्माता विश्वनाथ प्रसाद शाहाबादी तथा निर्देशक कुंदन कुमार थे.साथ ही,संगीत का जिम्मा चित्रगुप्त का था और फिल्म के गीतों को लता मंगेशकर,सुमन कल्याणपुर,मो.रफ़ी,उषा मंगेशकर ने स्वर दिया था.यह बहुत संभव है कि किसी क्षेत्रीय ज़बान की पहली फिल्म को शायद ही वह सफलता नसीब हुई हो,जो भोजपुरी की;गंगा मईया...'के हिस्से आई.नए-नए आज़ाद देश की तत्कालीन समस्याओं को एक बेहतरीन कथानक तथा उम्दा गीत-संगीत में पिरोकर सेल्युलाईड पर उतारा गया था,यही वज़ह रही कि यह फिल्म भोजपुरी की एक उत्कृष्ट क्लासिक का दर्ज़ा पा सकी. दर्शकों के हिस्से दो मापदंड होते हैं,एक कहानी के कारण कोई फिल्म अच्छी लगती है तो दूसरे अपनी कलात्मकता की वज़ह से उनके मन को भाती है.यद्यपि कलात्मकता के मूल में भी कहानी ही होती है.सारा क्रिया-व्यापार कहानी-कलात्मकता-सम्प्रेषण के सामंजस्य की मांग करता है.इसी का मेल फिल्म को जीवंत और उत्तम बनता है.'गंगा मईया...'की शुरुआत ही जमींदार (तिवारी)द्वारा एक किसान की बटाई ज़मीन वापस ले लिए जाने से ह...