9/25/09

'मि.योगी' का जायका ख़राब करेगा -वाट्स योर राशि'




आज हमारे अगल-बगल के सिनेमाघरों में हाई-फाई निर्माता-निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की 'वाट्स योर राशि' रिलीज हो गयी है..जैसा कि शुरूआती सिनेडियों ने बताया है ,लगता है आशुतोष इस बार बिना वजह फिल्म बना बैठे हैं.'...राशि' का नाम पहली बार सुनते ही दूरदर्शन के बहुचर्चित धारावाहिक 'मि.योगी' की याद आगई थी,और साथ ही यह आशंका भी कि कहीं उस क्लासिक सीरियल का बंटाधार न हो जाये.ऐसी आशंका वाजिब थी क्योंकि मि.योगी की कहानी भी लगभग यही थी कि एक बांका सजीला नौजवान अमेरिका से अपने लिए एक अदद कन्या विवाह हेतु ढूँढने इंडिया आता है और हर एक लड़की के साथ उसका जो साक्षात्कार होता है उससे कॉमिक सिचुएशन बनती है और वह भी बिना किसी मुहँ-बिचकाऊ ऐक्टिंग अथवा फूहड़ संवादों के.यही इस धारावाहिक की जान थी जो इसे क्लासिक बना गयी.एन आर आई भारतीय की भूमिका तब के चर्चित टीवी कलाकार मोहन गोखले ने निभाई थी.बहरहाल,'वाट्स योर राशि की कथा तो वैसी नहीं पर आशुतोष अतिशय प्रयोगधर्मी डाईरेक्टर तो नहीं ही हैं ना उन्हें ऐसे प्रयोगों में कूदना था बिना किसी धाँसू तैयारी के.आशुतोष बड़े निर्देशक हैं वह बड़े कलाकारों को लेकर फिल्म बनाते हैं.बड़े बजट की फिल्म बनाते हैं.बड़ी महाकाव्यात्मक ऊँचाईयों(?)वाली कथाओं को अपनी फ़िल्मी कथा बनाते हैं.हर बार उनका नायक महा(बड़ा)अभिनेता होता है मसलन-आमिर खान,शाहरुख़ खान,ह्रितिक रोशन,फिर ऐसे में इस कथा में हरमन बेचारा तो छोटा ही ठहरा..खैर अपना क्या है एक और फिल्म लग गयी इस हफ्ते इसका भी आस्वाद तो होना ही था...सिनेडियों को तो सिनेमा का बहाना चाहिए..

9/2/09

"Gloomy sunday"-एक महान हत्यारी कविता.


gloomy sunday वह गीत है,जिसे सुनकर करीब २०० लोगों ने आत्महत्या कर ली थी.इस गीत का लेखक था-हंगरी का "लाजेलो झावोर".झावोर की प्रेमिका ने उसे धोखा दिया और रविवार के दिन जब उसकी शादी का कार्ड लाजेलो को मिला तो उसका दिल टूट गया,तब उसने इस हत्यारे,हृदयविदारक,प्रणय गीत की रचना की.

"now tears are my wine
and greef is my bread
each sunday is gloomy
which feels me with death"
अर्थात, अब आंसू ही मेरी मदिरा है/
और दुःख ही मेरी रोटी/
अब हर इतवार मेरे लिए दुखद है/
जो मुझे मृत्यु भाव से भर देता है."-

जब इस गीत को फेमस संगीतकार "रेज्जो सेरेज़"ने मार्मिक स्वरों में गाकर रिकार्ड कर बाज़ार में पहुँचाया तो उसे सुनकर आत्महत्या करने वालों का तांता लग गया,कुछ ने ज़हर खा ली तो कुछ ने खुद को गोली मार ली और कुछ मानसिक दिवालियेपन के शिकार हो पागल हो गए.यही नहीं यह पड़ोसी देशों लन्दन और अमेरिका में भी अपनी छाप छोड़ आया,वहाँ के कई कॉलेज जाने वाले और स्कूलों के बच्चे-बच्चियों ने आत्महत्या कर ली.बी.बी.सी.द्बारा प्रतिबंधित हो जाने के बाद इसके रिकार्ड बाज़ारों से गायब हो गए.आज यह केवल पुस्तकों में दर्ज है और इसके संगीतकार 'रेज्जो सेरेज़'ने ६९ वर्ष की उम्र में १९६८ में बुडापेस्ट की एक आठ मंजिली इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली.यह 'gloomy sunday'का अंतिम शिकार था.

(रेफर्रेंस-कादम्बिनी सितम्बर १९९३ पेज-९४-९६ )

एक थे रसूल मियाँ नाच वाले

भिखारी ठाकुर के नाच का यह सौंवा साल है लेकिन भोजपुर अंचल के जिस कलाकार की हम बात कर रहे हैं उसी परंपरा में भिखारी ठाकुर से लगभग डेढ़ दशक प...